पहिया गुजरने पर रेल में बहुत थोड़ा खिंचाव आता है। प्रकाशीय फाइबर पर बना FBG सेंसर उस बदलाव को पढ़ सकता है। आरआरकैट के फाइबर सेंसरों को पहिए के असर की जाँच करने वाली WILD प्रणाली के विकास में इस्तेमाल किया गया।
फाइबर ब्रैग ग्रेटिंग यानी FBG में फाइबर के भीतर अपवर्तनांक की नियमित धारियाँ बनाई जाती हैं। वे प्रकाश की खास तरंगदैर्ध्य वापस लौटाती हैं। खिंचाव या तापमान बदलने पर लौटी तरंगदैर्ध्य बदलती है। मापने वाला उपकरण इसी बदलाव को दर्ज करता है।
2021 के आरआरकैट लेख में सेंसर दो स्लीपरों के बीच पटरी के खड़े हिस्से पर लगाया गया था। सामान्य पहियों के बाद जानबूझकर सपाट हिस्सा बनाए गए पहियों का परीक्षण हुआ। उनके गुजरने पर संकेत में अलग उछाल दिखे। यह व्यवहार्यता अध्ययन IISc से निकले Lab-2-Market ने किया था।
केंद्र की उद्भवन इकाई के विवरण में L2M के लिए विशेष FBG बनाए जाने का उल्लेख है। इनसे मिले संकेतों पर धुरी का अनुमानित भार, धुरियों की गिनती और पहिए की स्थिति बताने वाली प्रणाली विकसित की जा रही थी।
मुख्य बातें
- सेंसर पटरी के खिंचाव को प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में बदलाव से पढ़ता है।
- व्यवहार्यता अध्ययन IISc से निकले Lab-2-Market ने किया।
- संकेत से धुरी का अनुमानित भार और पहिए की स्थिति जानने पर काम हुआ।
स्रोत और संदर्भ
- राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र (RRCAT) · Fibre Sensors & Optical Spectroscopy Section: WILD system ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- RRCAT Newsletter · Fibre Bragg grating fabrication and sensor development at RRCAT ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- RRCAT Incubation Centre · RRCAT extends utilization of FBG inscription facility to Indian industries ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



